खाने पर मेरी नाक क्यों बहती है?HealthPlanet

Posted on Thu 15th Dec 2022 : 16:07

जानें, चटपटा खाने के बाद क्यों बहने लगती है हमारी नाक और कानों से निकलती है आग

चटपटा खाने के बाद क्यों बहने लगती है हमारी नाक, जानें वजह
चटपटा खाना पसंद करनेवाले या अक्सर स्ट्रीट फूड पर टूट पड़नेवाले लोगों के बीच यह आम अनुभव है, वे सभी जानते हैं कि ज्यादा तीखा खाने के बाद कैसे कानों में धुआं निकल जाता है और नाक बहने लगती...कई बार तो आंखों से आंसू भी टपने लगते हैं...यहां जानें क्यों होता है ऐसा...

सिर्फ मिर्च नहीं तीखे मसाले भी जिम्मेदार
चटपटे खाने में मिर्ची के साथ ही अन्य दूसरे स्पाइस भी होते हैं। ऐसे में जो लोग इस बात से अनजान होते हैं कि खाना बहुत तीखा है और बाइट ले लेते हैं वे जल्द ही बहती नाक और कानों में महसूस होनेवाली बर्निंग से परेशान हो जाते हैं।

क्यों होता है ऐसा?
दरअसल, कैप्सिअसन एक कैमिकल कंपाउड होता है, जो ज्यादातर उन प्लांट्स में पाया जाात है जो जीनस कैप्सिकम फैमिली के होते हैं। यह कंपाउंड हर तीखे मसाले में पाया जाता है। यही कैप्सिअसन जीभ, कान और नाक में जलन की वजह होता है, जिस कारण आंसू बहने लगते हैं।

बॉडी करती है ऐसे रिऐक्ट
कैप्सिअसन के कारण होनेवाली जलन के चलते इरिटेशन होती है और बॉडी इस इरिटेशन से मुक्ति पाने के लिए फाइट करती है। कैप्सिअसन के कारण बॉडी में म्यूकस बढ़ने लगता है और बॉडी इस म्यूकस को नाक के जरिए बाहर निकलने लगती है। जिससे नाक बहने लगती है।

इंटरनल मैकेनिज़म करता है काम
जलन के कारण बॉडी का इंटरनल मैकेनिज़म ऐक्टिव हो जाता है और बॉडी अलग-अलग अंगों में होनेवाली जलन को शांत करने के लिए काम करने लगती है। यही वजह है कि अत्यधिक तीखा खाने के बाद हमारा मुंह लार से भर जाता है।

बुरा नहीं है कैप्सिअसन
मसाले खाने के बाद कैप्सिअसन से हमें जलन जरूर होने लगती है लेकिन यह मसाला हमारी हेल्थ के लिए बुरा नहीं है। यह हमारे मेटाबॉलिज़म को बूस्ट करने का काम करता है। इससे आंखें और नाक की अंदरूनी सफाई हो जाती है। आपको ऐसा खाना कभी-कभी सिर्फ अपनी बॉडी में म्यूकल ब्लॉकेज को दूर करने के लिए भी खाना चाहिए।
 

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